Agneepath scheme का विरोध कर रहे छात्रों के घर भी चलेगा Bulldozer, देखें सरकार ने क्या कहा?

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Agneepath scheme Bulldozer students protest: देश भर में मोदी सरकार की अग्नीपथ योजना का विरोध किया जा रहा है. सेना की तैयारी करने वाले छात्र सड़कों पर उतर आए हैं और हिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं. कहीं गाड़ियां तो कहीं पूरी की पूरी ट्रेन ही आग के हवाले कर दी गई. वहीं इस बीच सवाल उठा कि क्या सरकार प्रदर्शन करने वाले छात्रों के घरों पर भी बुल्डोजर (Agneepath scheme Bulldozer students protest) चलाएगी. ये सवाल इसलिए क्योंकि बीते दिनों हुए कुछ प्रदर्शनों में न सिर्फ यूपी में योगी सरकार बल्कि मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार भी आरोपियों के घरों पर बुल्डोजर चलवा चुकी है.

हिंसा करने वाले छात्रों के घरों पर बुल्डोजर चलने का सवाल जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. छात्र और ज्यादा उग्र हो गए. सबसे ज्यादा हिंसक प्रदर्शन बिहार में देेखने को मिल रहे हैं. वहीं यूपी, दिल्ली और मध्य प्रदेश के ग्वालियर से भी छात्रों द्वारा हिंसक प्रदर्शन किये जाने और आगजनी की तस्वीरें सामने आई है. वहीं इस बीच योगी सरकार ने अग्नीपथ योजना का विरोध करने वाले छात्रों के लिए एक ट्वीट किया है. (Agneepath scheme Bulldozer students protest)

देशभर में छात्र अग्निपथ योजना का विरोध क्यों कर रहे ?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा है कि, आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मंशानुरूप ‘अग्निपथ योजना’ युवाओं को राष्ट्र व समाज की सेवा हेतु तैयार करेगी, उन्हें गौरवपूर्ण भविष्य का अवसर प्रदान करेगी। @UPGovt आश्वस्त करती है कि ‘अग्निवीरों’ को सेवा के उपरांत पुलिस व पुलिस के सहयोगी बलों में समायोजित करने में प्राथमिकता दी जाएगी।


वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में भी ‘अग्नीवीरों’ ने अग्नीपथ योजना का जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों ने सिर्फ हिंसक प्रदर्शन किया बल्की सड़कों पर आगजनी भी की. पत्रकार सुयश भट्ट ने इस घटना का वीडियो ट्वीटर पर शेयर कर बताया, एमपी के ग्वालियर में भड़की हिंसा.

वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने मोदी सरकार से निवेदन किया है कि वे इस योजना को वापस ले. उन्होंने एक वीडियो ट्वीट कर केंद्र सरकार से अपील की है कि सेना और देश के भविष्य के साथ इस तरह से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए. उन्होंनने कहा, केंद्र सरकार अगर कोई योजना लाती है तो पहले उस पर विचार विमर्श होना चाहिेए.

अग्निपथ योजना का विरोध क्यों?
मोदी सरकार ने 14 जून मंगलवार 2022 को भारतीय सेना में एक नई योजना ‘अग्निपथ’का एलान किया है. इस योजना के तहत भारतीय सेना (Indian Army) में कम अवधि के लिय भर्तियां की जाएंगी. इस योजना के तहत 17.5 साल से लेकर 21 साल की उम्र सीमा वाले युवाओं को चार सालों के लिए सेना में काम करने का मौक़ा मिलेगा. इसके बाद 25 फ़ीसद युवाओं को रिटेन किया जाएगा. मतलब 100 में से 25 लोगों को पूर्णरूप से सेना में नौकरी का मौक़ा मिलेगा.

Protest against Agneepath Scheme, अग्निपथ योजना

न सिर्फ बिहार बल्कि देश भर में प्रदर्शन
न सिर्फ बिहार में बल्कि देश भर में विरोध औऱ सड़क जाम (Protest against Agneepath Scheme) करने वाले युवा लंबे समय से भर्ती नहीं आने की वजह से निराश थे. जब लंबे इंतज़ार के बाद सरकार ने भर्ती का एलान किया तो अग्निपथ जैसी योजना ले आई. इस स्कीम के तहत मिलने वाली नौकरी की सेवा अवधि को लेकर बेहद नाराज़ हो गए. इस कारण सड़कों पर हैं.

छात्रों की मांग वापस ली जाए योजना
विरोध कर रहे इन युवाओं की मांग है कि केंद्र सरकार की ‘अग्निपथ योजना’ को वापस ले. उनका कहना है कि इस योजना से देश सेवा का जज़्बा पाले युवाओं का भविष्य अंधकार में चला जाएगा. हमारी सालों की तैयारी पर सरकार ने पानी फेर दिया है. साथ ही सेना में संविदा आधार पर भर्ती देश की रक्षा के साथ भारी खिलवाड़ कर रही सरकार.

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