Agnipath Scheme: ‘सदनवीर योजना’ लाकर बंद कर देनी चाहिए सांसद-विधायकों की पेंशन?

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आज देश के लाखों युवा सड़कों पर मोदी सरकार द्वारा भारतीय सेना में भर्ती के लिए लाई गई अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) का विरोध कर रहे हैं। बिहार से शुरू हुआ विरोध अब देश के अलग-अलग हिस्सों में फैल लगा। देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गया। दर्जनों ट्रेन,बस को आग के हवाले कर दिया गया। दो लोगों इस हिंसक प्रदर्शन के दौरान गोली लगने से मौत हो गई। वहीं दर्जनों पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

विरोध को देखते हुए सरकार ने 48 घंटे के भीतर ही अग्मिपथ में सेवा को दो वर्ष के लिय और बढ़ा देने की जानकारी दी। लेकिन छात्र इस योजना को वापस लेने पर अड़े हैं। हिंसक प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है। दो छात्रों की गोलीबारी में मौत की ख़बर है। अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के विरोध में रोहतक के पीजी हॉस्टल के रूम में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक का नाम सचिन था जो जींद जिले के लिजवाना गांव का रहने वाला है।

सेना के अधिकारी, IAS, IPS अपनी पेंशन छोड़ दें!

सोशल मीडिया पर लोग अब सांसद और विधायकों को मिलने वाली तमाम सेवाओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अग्निपथ (Agnipath Scheme) का विरोध कर रहे लोग सोशल मीडिया पर ‘सदनवीर योजना’ को लाने की बात कर रहे है। नेताओं की पेंशन को पूरी तरह से समाप्त करने पर लिख रहे हैं। छात्रों का कहना है कि वे लोग सालों से सेना में जाने की तैयारी में जुटे हैं। सरकार ने अग्निपथ जैसी योजना लाकर उनके साथ खिलवाड़ किया है।

देश में हज़ारों विधायक सांसद पेंशन का लाभ उठा रहे हैं। सरकार इसे भी खत्म कर देना चाहिए। जब देश के लिय अपनी जान कुर्बान करने वाले युवा को सरकार कुछ नहीं दे सकती। तो इन नेताओं को हर लाभ क्यों दिया जाता है। इसी को लेकर नाराज़ छात्र ‘सदनवीर योजना’ जैसे नाम ट्रेंड कराकर नेताओं की पेंशन का भी विरोध कर रहे हैं।

इसी संबंध में पत्रकार रणविजय सिंह ने लिखा- अब सेना के अधिकारी, IAS, IPS और सांसद-विधायक भी अपनी पेंशन छोड़ दें। युवाओं में अच्छा संदेश जाएगा।

आइए जानते हैं हमारे देश में सांसदों को क्या क्या सुविधाएं मिलती हैं

जहां हमारे देश में युवा दस हज़ार की नौकरी भी तलाशने से नहीं मिल रही। उधर सरकार युवाओं को नौकरी के नाम पर 4 साल का लालीपॉप दे रही। वहीं दूसरी ओर नेताओं पर हर ओर से पैसा बरसता है। साथ ही सरकार इन नेताओं को पेंशन भी देती है।

  • जब एक नेता लोकसभा का चुनाव जीत जाए और एक दिन के लिए भी संसद का सदस्य बन जाए तो सरकार की ओर से उसे पेंशन दिए जाने की व्यवस्था है।
  • संसद सदस्य वेतन, भत्ता और पेंशन अधिनियम 1954 के तहत सांसदों को पेंशन मिलती है। एक पूर्व सांसद को हर महीने 20 हजार रुपये पेंशन मिलती है। 5 साल से अधिक होने पर हर साल के लिए 1500 रुपये अलग से दिए जाते हैं।
  • पति, पत्नी या आश्रित को फेमिली पेंशन की सुविधा भी है। सांसद या पूर्व सांसद की मृत्यु पर उनके पति, पत्नी या आश्रित को आजीवन आधी पेंशन देने का प्रावधान है।
  • पूर्व सांसदों को किसी एक सहयोगी के साथ ट्रेन में सेकेंड एसी में मुफ्त यात्रा की सुविधा है। अकेले यात्रा पर प्रथम श्रेणी एसी की सुविधा है।

आइए जानते हैं विधायकों को क्या क्या सुविधाएं मिलती हैं

देश के सभी राज्‍यों में विधायकों को अलग अलग सैलरी मिलती है। वर्तमान में देश में सबसे अधिक सैलरी तेलंगाना के विधायकों को मिलती है। प्रति माह 2.50 लाख रुपये ।

  • सैलरी तो बस 20,000 रुपये ही है, मगर भत्‍ते के तौर पर उन्‍हें 2,30,000 रुपये मिलते हैं। वहीं सबसे कम सैलरी त्रिपुरा के विधायकों को मिलती है, प्रतिमाह 34 हजार रुपये ।
  • उत्तर प्रदेश के विधायकों को 1 लाख 87 हजार रुपये वेतन मिलता है। हम कह सकते हैं कि कई राज्‍यों में इन विधायकों की सैलरी देश के प्रधानमंत्री से अधिक है।
  • सैलरी के अलावा विधायकों को कई अन्‍य सुविधाएं भी मिलती हैं। जैसे यूपी में एक विधायक को विधायक निधि के रूप में 5 साल के अन्दर 7.5 करोड़ रुपये खर्च करने के लिए मिलते हैं।
  • इसके अलावा रहने के लिए सरकारी आवास, मेडिकल सुविधा, यात्रा भत्‍ता, एक व्‍यक्ति के साथ ट्रेन में फ्री यात्रा और कार्यकाल ख़त्म होने के बाद विधायक को हर महीने 30 हजार रुपये पेंशन भी मिलता है।

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