अग्निपथ योजना : तीनों सेनाओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर क्या कहा, जानें सबकुछ

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मोदी सरकार द्वारा अग्निपथ योजना के ऐलान के बाद से देश के कई राज्यों में हिंसक प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी बीते 5 दिनों से अलग-अलग शहरोंमें ट्रेन के डिब्बों को आग के हवाले कर चुके हैं और सार्वजनिक संपत्तियों को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाया। इस दौरान तेलंगाना में एक व्यक्ति की मौत भी हुई। आज देश की तीनों सेनाओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। आइये जानते हैं सेना ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर क्या-क्या कहा।

लेफ्टिनेंट जनरल अरुण पुरी ने एक बात बिलकुल साफ तौर पर कहा कि अग्निपथ योजना वापस नहीं ली जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि सेना में भर्ती होने के लिए सबसे पहली ज़रूरत अनुशासन की होती है, इसलिए युवाओं को शांत होकर योजना को समझना होगा।

हिंसा में शामिल किसी भी युवा को नहीं मिलेगा मौका

इस भर्ती के लिय सबसे ज़रूरी बात बताते हुए लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने कहा कि आवेदन करने वाला प्रत्येक उम्मीदवार एक प्रमाण-पत्र देना होगा कि वह इस विरोध, आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा में शामिल नहीं था। पुलिस सत्यापन 100 प्रतिशत है, उसके बिना कोई भी शामिल नहीं हो सकता है। यदि किसी उम्मीदवार के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज की जाती है तो उसको भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल नहीं किया जा सकता।

नौसेना के वाइस एडमिरल डी.के. त्रिपाठी ने कहा कि हमने भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। 25 जून तक हमारी एडवरटाइजमेंट सूचना और प्रसारण मंत्रालय में पहुंच जाएगा। एक महीने के अंदर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 21 नवंबर को हमारे पहले अग्निवीर हमारे ट्रेनिंग संस्थान में रिपोर्ट करेंगे। वायु सेना में सेवा देने वाले युवाओं के लिए देश सेवा का इससे अच्छा मौक़ा नहीं मिलेगा।

वायुसेना ने अग्निवीरों की भर्ती गाइडलाइन की जारी

  • अग्निवीरों को अपनी चार साल की नौकरी पूरी करनी होगी। इससे पहले वह फोर्स नहीं छोड़ सकेंगे। ऐसा करने के लिए उन्हें अधिकारी की सहमति लेनी होगी।
  • एयरफोर्स ने बताया कि अग्निवीर सभी सैन्य सम्मान और पुरस्कार के हकदार होंगे। इन्हें साल में तीस दिन की छुट्‌टी भी दी जाएगी। इसके अलावा मेडिकल लीव भी मिलेगी।
  • अग्निवीरों में 17.5 साल से 21 साल तक के युवाओं को फिजिकल फिटनेस और शैक्षिक योग्यता के आधार पर भर्ती किया जाएगा।
  • 18 साल से कम आयु वाले अभ्यर्थियों को अपने माता-पिता या अभिभावक की स्वीकृति जरूरी होगी। नियुक्ति चार साल के लिए होगी।
  • अग्निवीरों को किसी भी सेना में शामिल का अधिकार नहीं मिलेगा। इनका फोर्स या अन्य जॉब में सिलेक्शन सरकारी नियमों के तहत ही होगा।
  • अग्निवीरों को कहीं भी किसी भी प्रकार की ड्यूटी पर भेजा जा सकता है। ड्यूटी के दौरान अग्निवीरों को सभी प्रकार की मेडिकल सुविधाएं दी जाएंगी।
  • अग्निवीरों को पहले साल तीस हजार रुपए महीने वेतन मिलेगा। इसके अलावा ड्रेस और ट्रेवल अलाउंस भी दिया जाएगा।
  • ड्यूटी के दौरान अगर अग्निवीर का निधन हो जाता है तो उन्हें बीमा की रकम मिलेगी। इसके अलावा उनके बचे हुए कार्यकाल का वेतन भी मिलेगा।

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