Bharat Jodo Yatra : भारत जोड़ो यात्रा से Congress को क्या हासिल होगा?

Spread the love

BharatJodoYatra : भारत जोड़ो यात्रा की चर्चा अब ज़ोरों पर है। राहुल गांधी के नेतृत्व में 7 सितंबर से तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुई इस यात्रा का अंतिम पड़ाव जम्मु-कशमीर का श्रीनगर है। कांग्रेस पार्टी (Congress Party) ने 150 दिनों में इस भारत जोड़ो यात्रा पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इस दौरान 3,570 किलीमीटर की दूरी को तय किया जाना है। यह यात्रा देश के 12 राज्यों से होकर गुज़रेगी।

केरल के वायनाड से सासंद और कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भारत जोड़ो यात्रा (BharatJodoYatra) की शुरुआत से ही लगातार चर्चा में बने हुए हैं। इस पदयात्रा के दौरान रास्ते में बच्चों, पुरुषों और महिलाओं के साथ बातचीत करने और सेल्फी लेने के साथ-साथ उनके अनोखा अंदाज़ लोगों में उत्साह का कारण बना हुआ है। साथ ही अब मीडिया में यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है।

भारत जोड़ो यात्रा का क्या है मक़सद ?

पिछले दो आम चुनाव में कांग्रेस की हालात का अंदाज़ा तो सभी हो है। एक राष्ट्रीय पार्टी का हाल किसी क्षेत्रीय पार्टी जैसा होकर रह गया है। इसके साथ ही एक बाद एक नेताओं का पार्टी को छोड़कर जाना। साथ ही पार्टी के भीतर मतभेद का सैलाब। तमाम ऐसे मुद्दों के कारण कांग्रेस अर्श के फर्श पर आ गई। भाजपा के हिंदुत्व की राजनीति के आगे कांग्रेस चारो खाने चित होती रही है। लेकिन राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा की मदद से पार्टी में जान फूंक रहे हैं।

राहुल गांधी की इस यात्रा को आगामी आम चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि राहुल गांधी इस भारत जोड़ो यात्रा की मदद से कांग्रेस पार्टी में एक नया जोश भरने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही पार्टी के नेताओं में जान फूंकने का काम भी कर रहे हैं। साथ ही राहुल गांधी पदयात्रा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साधी संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं। जनता के बीच एक माहौल बनाने का प्रयास कांग्रेस को काफी हद तक फायदा पहुंचा सकता है।

पार्टी फंड से खर्च हो रहा यात्रा पर सारा पैसा

भारत जोड़ो यात्रा अपने 8वें दिन कन्याकुमारी से करीब 136 किमी दूर केरल के कोल्लम पहुंच गई है। राहुल गांधी के साथ यात्रा में लगभग दो हज़ार लोग चल रहे हैं। 7 बजे से यात्रा शुरू हो जाती है। यात्रा में शामिल इतनी बड़ी संख्या में लोगों के खाने-पीने का पूरी ध्यान रखा जा रहा है। यात्रियों के लिए नाश्ता और खाना बनाने का काम 6 टीमों के ज़िम्मे है। दो फूड वैन यात्रा के साथ चलती हैं।

यात्रा में शामिल लोगों के रुकने के लिए टेंट की जगह कंटेनर इस्तेमाल किए जा रहे हैं। 60 से अधिक कंटेनरों को ट्रेन की सेकेंड और थर्ड क्लास एसी बोगी की तरह डेवलप किया गया है। यात्रा का पूरा खर्च कांग्रेस पार्टी के फंड से उठाया जा रहा है। यात्रा के लिए ऐसे कंटेनरों को चुना गया है जो इस्तेमाल में नहीं हैं। कंटेनर को इस तरह से बनवाया गया कि उसमें सर्दी या गर्मी का असर न रहे।

किस पुरानी यात्रा की तर्ज़ पर निकने हैं राहुल गांधी?

कांग्रेस नेता जयराम रमेश भारत जोड़ो यात्रा को निकाले जाने को लेकर कहते है कि, ‘’हम बिखर रहे हैं। भारत को जोड़ने के लिए हम ये यात्रा निकाल रहे हैं। राज्यों के अधिकार छीने जा रहे हैं, संवैधानिक संस्थाएं काम नहीं कर पा रही हैं। महंगाई और बेरोज]गारी बहुत बढ़ गई है। दो पूंजीपतियों को सब सौंप दिया गया है। ध्रुवीकरण के कारण समाज कमज़ोर हो रहा है। हमारी इस यात्रा का मक़सद देश को टूटने से बचाना है।‘’

साल 1985 में राजीव गांधी ने कांग्रेस संदेश यात्रा निकाली थी। इस यात्रा की शुरुआत मुंबई, कश्मीर, कन्याकुमारी और उत्तर पूर्व के राज्यों से हुई थी और इसे तीन महीने के भीतर दिल्ली के रामलीला मैदान में खत्म किया गया था। कहा जा रहा है कि साल 1983 की पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की भारत यात्रा से प्रेरित होकर राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत की है।

क्या यात्रा को सफल बना सकेंगे राहुल गांधी ?

कहा जाता है कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की भारत यात्रा के कारण वो लोकप्रियता की चरम पर पहुंच गए थे और इंदिरा गांधी के शासन के ख़िलाफ जनमत तैयार करने में काफी हद तक कामयाब रहे थे। चंद्रशेखर ने 6 जनवरी 1983 से 25 जून 1983 तक कन्याकुमारी से राजघाट तक भारत यात्रा 4260 किलोमीटर की पूरी की थी। इस यात्रा को बेहद सफल माना गया था।

भारत जोड़ो यात्रा से किस हद तक कांग्रेस को सफलता मिलेगी। यह तो अगले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा। आंतरिक मदभेद,बगावत, और भरोसे की कमी से जूझ रही कांग्रेस पार्टी के लिय यह यात्रा के बड़ा रोड मैप बना सकती है। राहुल गांधी का यह सबसे बड़ा प्रयास माना जा रहा है। भाजपा को भी अब यह यात्रा खटकने लगी है। देखना दिलचस्प होगा कि मोदी की लोकप्रियता के आगे राहुल गांधी कितना सफल होते हैं।

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।

Leave a Comment