अग्निपथ योजना : 19 राज्यों में विरोध के दौरान अब तक कितनी संपत्ति हुई नष्ट?

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अग्निपथ योजना के खिलाफ देश के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन जारी है। योजना का विरोध कर रहे युवाओं ने उग्र प्रदर्शन किए हैं। जिसके कारण करोड़ों की सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ है। एक अनुमान के मुताबिक अब तक टोटल एक हज़ार करोड़ की संपत्ति को क्षति पहुंचाई गई है। जिसमें सबसे अधिक रेलवे का नुकसान शामिल है। लगभग रेलवे की 500 करोड़ रूपय की सपंत्ति को बर्बाद कर दिया गया।

देशभर में जारी उग्र प्रदर्शन को देखते हुए 12 लाख लोगों ने अपनी यात्राएं कैंसिल कर दीं। वहीं 922 मेल एक्सप्रेस और 120 मेल ट्रेनें भी रद्द करना पड़ गईं। दैनिक भास्कर की एक ख़बर के मुताबिक, 1.5 लाख यात्रियों ने बीच रास्ते में ही अपनी ट्रेन यात्रा को समाप्त कर दिया। 5 लाख से अधिक PNR कैंसिल करा दिए गए। उग्र प्रदर्शनों के चलते रेलवे को 241 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा।

अग्निपथ योजना का  विरोध अबतक देश के 19 राज्यों तक पहुंचा है। इन उग्र प्रदर्शनों के दौरान सबसे अधिक पब्लिक संपत्ति का नुकसान यूपी-बिहार में किया गया। वहीं अगर हम National Crime Records Bureau (NCRB) 2020 के आंकड़े पर नज़र डालें तो पता चलता है कि इस तरह की घटनाओं में 28 प्रतिशत तक की कमी आई थी। लेकिन इस योजना के बाद से यूपी-बिहार में बड़े पैमाने पर उग्र प्रदर्शन देखने को मिला जिसमें करोड़ों की संपत्ति का नुकसान किया गया।

जानकारी के मुताबिक, चार दिनों में देश भर में 922 मेल एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द की गई हैं। करीब 12 लाख पैसेंजर्स ने अपनी यात्राएं रद्द कर दी गईं। रेल मंत्रालय ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी यात्री का किराया कम से कम 600 रुपये माना जाता है तो 7 करोड़ रुपये का पूरा रिफंड वापस किया जाएगा। इसमें एसी, सेकेंड एसी और फर्स्ट एसी की फीस शामिल कर लें तो 10 करोड़ रुपये का रिफंड होगा।

827 पैसेंजर्स ट्रेनें रद्द कर दी गईं। 120 मेल एक्सप्रेस ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द कर दी गईं, इस प्रकार लगभग 1.5 लाख यात्रियों को ट्रेन को बीच में ही छोड़ना पड़ा और यात्रा रद्द करनी पड़ी। इसके विरोध में अलग-अलग जगहों पर 21 ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया गया।

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