Hyderabad or Bhagyanagar : हैदराबाद शहर के नाम का क्या है इतिहास, इसे भाग्यनगर बताना कितना सही?

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Hyderabad or Bhagyanagar : देश में कुछ बदला हो या न बदला हो लेकिन शहरों के नाम बदलने की होड़ सी मची हुई है। 2014 के बाद से शहरों के नाम बदलने के चलन ने ज़ोर पकड़ रखा। नाम बदलो अभियान में उत्तर प्रदेश सबसे निकलता दिख रहा है। वहीं अब हैदराबाद का नाम बदकर ‘भाग्यनगर’ की मांग ने ज़ोर पकड़ लिया। हालही में तेलंगाना पहुंचे पीएम मोदी ने एक सभा के संबोधन के समय हैदराबाद को भाग्यनगर कहकर पुकारा। जिसके बाद इस नाम को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

हैदराबाद शहर के नाम को लेकर बहस बहुत पुरानी है। अब ये मामला सियासी रूप लेता दिख रहा है। अब ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सच में हैदराबाद का नाम पहले भाग्यनगर था या फिर विशेष समुदाए से संबंध रखने वाले नामों की तरह इसको भी बदलना मक़सद है। जैसा कि यूपी में शहरों के नामों में हिंदू-मुस्लिम को बांट रखा है। उर्दू वाले नामों को लगातार हिंदूवादी संगठन बदलने की मांग करते आए हैं। सरकार उन मांग को समय-समय पूरा करती आ रही है।

Hyderabad or Bhagyanagar क्या कहती हैं इतिहास की किताबें

अब ये बहस जारी है कि क्या कभी हैदराबाद का नाम भाग्यनगर (Hyderabad or Bhagyanagar) था? क्या भाग्यमति नाम की कोई महिला थी, जिसका भाग्यनगर से कोई संबंध था? लोग कहते हैं कि इसमें भाग्यमती नाम की महिला का भी जिक्र आता है। ये सच है कि इतिहास की कई किताबों में हैदराबाद का नाम भाग्यनगर लिखा है, लेकिन उस दौरान भी उसे हैदराबाद के नाम से पुकारने के संकेत भी मौजूद हैं। लोग किताबों में भाग्यनगर दिखाकर इसे बदलने की बाद करते नज़र आते हैं।

हैदराबाद के नाम को लेकर बहुत सी अलग-अलग कहानियां अलग-अलग दावों के साथ प्रचलित हैं। एक कहानी है यूं है कि गोलकुंडा राजाओं (जिन्होंने हैदराबाद की स्थापना की) में से पांचवें कुली कुतुब शाह को हैदराबाद की स्थापना से पहले ही भगमती से प्यार हो गया था। कुली कुतुब शाह ने भागमती से शादी रचा ली। शादी के बाद नए शहर का निर्माण किया तो उस शहर का नाम भाग्यनगर रख गया। लेकिन जब भाग्यमती ने इस्लाम कबूल कर लिया तो शहर का नाम भाग्यनगर से बदलकर हैदराबाद कर दिया गया।

क्या तुष्टीकरण का हिस्सा है नाम बदलो अभियान

बीबीसी की एक ख़बर मुताबिक़, हैदराबाद का एक नक़्शा ऐरॉन एरो स्मिथ ने 1816 में तैयार किया था, जोकि एक ब्रिटिश नागरिक था। नक्शा बन जाने के बाद स्मिथ ने मैप पर बड़ा काले अक्षरों में हैदराबाद लिखा। वहीं उसके नीचे उन्होंने भाग्यनगर लिखा था और इसके साथ ही तीसरा नाम साथ गोलकुंडा लिखा। यह नक़्शा नानीशेट्टी शिरीष की किताब ‘गोलकुंडा, हैदराबाद और भाग्यनगर’ में भी छापा है।

हिंदू संगठन हैदराबाद का नाम बदने की मांग करते आए हैं। पीएम मोदी के संबोधन में हैदराबाद को भाग्यनगर कहने के बाद से मामले ने तूल पकड़ लिया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसको लेकर कहा कि हम जल्द ही इसका नाम बदलने के सभी पहलूओं को देख रहे हैं। वही लोग इसे मुस्लिम से जोड़कर भी देखर रहे हैं। उनका कहना है कि तुष्टीकरण की राजनीति करने वाली भाजपा सरकार तेलंगाना में पैर पसारना चाहती है। चुनाव में माहौल को हिंदू-मुस्लिम बनाकर जीतने की कोशिशें की जा रही हैं। हैदराबाद का नाम बदलना उसी का एक शुरूआती हिस्सा है।

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