झारखंड : रांची में पुलिस फायरिंग पर उठते सवाल; निशाना साधकर चलाई गोलियां?

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नुपुर शर्मा के खिलाफ़ देशभर में हुए प्रदर्शन के दौरान कई शहरों में हिंसा भड़क उठी। हिंसा की इस चपेट में झारखंड का रांची शहर भी आया। यहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिय सीधे-सीधे गोलियां चलाती दिखी। जिसमें दो लड़को की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। कई घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

जानकारी के मुताबिक, झारखंड की राजधानी रांची में हुए प्रदर्शन के दौरान गोली लगने से घायल 15 साल के मुदस्सिर आलम और 24 साल के साहिल की जान चली गई। गोली लगने के बाद सभी घायलों को रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया था, संस्थान ने इन दोनों लड़कों की मौत की पुष्टि की है।

झारखंड पुलिस के प्रवक्ता अमोल वी होमकर ने हिंसक घटना के बाद दो लोगों के मौत की पुष्टि करते हुए मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 10 जून को नमाज़ बाद शुरू विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। देखते-देखते लोग हिंसक हो गए। पुलिस ने काबू करने की कोशिश की। लेकिन भीड़ बेकाबू हो गई।

गोली लगने से अब भी कई लोगों की हालत नाज़ुक

उन्होंने बताया- “हिंसा के दौरान हमें प्रदर्शनकारियों की तरफ़ से भी फ़ायरिंग की जानकारी मिली। उग्र लोगों को क़ाबू करने के लिए पुलिस ने भी हवाई फ़ायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान 12 पुलिसकर्मी और 12 प्रदर्शनकारी घायल हुए। इनमें एक पुलिसकर्मी समेत कुछ लोगों को बुलेट इंजरी है।”

झारखंड पुलिस के प्रवक्ता अमोल वी होमकर के मुताबिक वर्तमान में 22 घायलों में से कुछ की स्थिति गंभीर है। घायलों में से दो-तीन लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।

जानकारी के मुताबिक इस हिंसा में जान गंवाने वाले 15 साल के मुदस्सिर आलम के सिर में गोली लगी थी। वो अपनी माँ -पिता की इकलौती संतान था। उनकी माँ निकहत का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस ने सीधे-सीधे निशाना साधकर मारी गोलियां

पिता परवेज़ आलम ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा- मेरा बेटा मुदस्सिर या कोई भी प्रदर्शनकारी न तो आतंकवादी था, न उग्रवादी। उन पर पुलिस ने गोलियाँ क्यों चलायी। इसका किसने आदेश दिया था।

पुलिसवाले लोगों पर एके-47 और पिस्टल से निशाना साधकर गोलियाँ चला रहे थे। उन्हें हवाई फ़ायरिंग करनी चाहिए थी। इस घटना से जुडे कई वीडियो वायरल हैं। उनमें आप पुलिसकर्मियों को सामने से गोलियाँ चलाते साफ देख सकते हैं। पुलिस सीधे-सीधे निशाना साधकर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाती दिख रही है।

रांची में पुलिस फायरिंग के दौरान 24 साल से एक युवक साहिल की भी गोली लगने मौत हो गई है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि साहिल की किडनी में गोली लगी थी, जिसके चलते उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनकी कुछ देर बाद मौत हो गई। अन्य कई लोग की हालात नाज़ुक बनी हुई है। जिनका इलाज जारी है।

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