Major cloudburst incidents in India : देश में बादल फटने से कब-कब हुईं बड़ी घटनाएं ?

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Major cloudburst incidents in India : दो साल के बाद शुरू हुई अमरनाथ यात्रा में दुखद हादसा हो गया। जम्मु-कश्मीर में चल रही अमरनाथ यात्रा के दौरान शुक्रवार को गुफा के पास (Amarnath cave area) अचानक बादल फटने (Amarnath cloudburst) से कम से कम 16 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं 40-50 लोग लापता हैं जिनकी तलाश जारी है। पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ)  भारतीय सेना, ITBP और अन्य सैन्य बल राहत और बचाव अभियान में जुटे हैं। फिलहाल अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है।

Major cloudburst incidents in India

पहले लोगों में ये धारणा थी कि बादल केवल पहाड़ी क्षेत्रों में ही फटता है। लेकिन ये धारणा तब कब गलत साबित हुई जब मुंबई में 26 जुलाई 2005 को बादल फटने की एक घटना सामने आई। अमरनाथ यात्रा के दौरान बादल फटने की ये कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं। आइये आपको बताते हैं कब-कब बादल फटने की घटनाएं हुई हैं।

  • जुलाई 2005 : मुंबई में बादल फटने की घटना ने सबको चौंका दिया थी। इसमें 50 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। जुलाई 2005 में ही हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से 110 लोगों की मौत हुई थी।
  • अगस्त 2010 : लद्दाख के लेह में बादल फटने से भीषण तबाही मची थी। इसमें 1000 लोगों की मौत और 400 से ज्यादा घायल हुए थे। बादल फटने के बाद गांवों में 9000 लोग बुरी तरह से प्रभावित हुए थे।
  • जून 2011: जम्मू के डोडा-बटोटे हाइवे पर अटानक बादल फटने से 4 की जान चली गई थी और दर्जनों लोग घायल हो गए थे। वही जुलाई 2011 में मनाली में बादल फटने से 2 लोगों की मौत हुई थी और 22 लोग लापता हुए थे।
  • सितम्बर 2012: उत्तरकाशी, उत्तराखंड में बादल फटने से हुई बारिश में 45 लोगों की मौत हुई थी और 15 घायल हुए। 22 के शव मिले थे और बाकी लापता थे।
  • जून 2013 – केदारनाथ में बादल फटने से भयानक तबाही आई थी। 10 से 15 मिनट तक तेज बारिश और भूस्खलन से करीब 5 हजार लोग मारे गए। भारत में बादल फटने के बाद सबसे अधिक जान-माल के नुकसान हुआ था।
  • सितम्बर 2014: कश्मीर में बादल फटने के कारण 200 लोगों की जान गई थी। वही जुलाई 2014 में उत्तराखंड में बादल फटने से कई लोगों की मौत हुई।
  • 11 मई 2016 में शिमला के पास सुन्नी में बादल फटा और भयानक तबाही मची थी। जुलाई 2016 को उत्तराखंड में बादल फटने से 30 लोगों की मौत हुई थी।
  • 14 अगस्त 2017 को पिथौरागढ़ जिले के मांगती नाला के पास बादल फटने से 4 की मौत हुई थी। कई दर्जन लोग लापता हो गए थे। 

अधिकतर बादल फटने की घटनाएं पहाड़ी क्षेत्रों में क्यों होती है? क्योंकि पहाड़ी इलाकों में पानी से भरे बादल पहाड़ों में फंस जाते हैं। पहाड़ों की ऊंचाई बादलों को आगे नहीं बढ़ने देती है। जिस कारण अचानक से ही एक स्थन पर बारिश शुरू हो जाती है। पहाड़ों से पानी गिरकर नीचे की ओर आता और बाढ़ जैसे हालात हो जाते हैं। यही अमरनाथ यात्रा के दौरान अमरनाथ गुफा में हुआ। पानी तेज़ी से नीचे आया और दर्जनों लोगों को बहा ले गया।

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