नेशनल हेराल्ड केस: सुब्रमण्यम स्वामी ने 10 साल पहले लिख दी थी ‘पटकथा’, पढ़ें 4 खास बातें

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National Herald Case: Subramanian Swamy ED Rahul Gandhi: नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस राहुल गांधी से लंबी पूछताछ की. यह पूछताछ आज भी की जा रही है. हांलाकि इसकी शुरूआत करीब 10 साल पहले वर्ष 2012 में हुई थी जब जब सुब्रमण्यम स्वामी ने नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में केस दर्ज कराया था. इस दौरान सुब्रमण्य स्वामी (National Herald Case: Subramanian Swamy ED Rahul Gandhi) ने आरोप लगाते हुए कहा था कि यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड ने 90.25 करोड़ रुपये की वसूली के अधिकार हासिल करने के लिए सिर्फ 50 लाख रुपये का भुगतान किया है, जो एजेएल पर कांग्रेस का बकाया था.

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1) इतना ही नहीं इस दौरान 4 अन्य लोग भी इस केस में आरोपी बनाए गए थे. इनमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस के अलावा पत्रकार सुमन दुबे और सैम पित्रोदा के नाम थे. इनमें से दो आरोपियों मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस का निधन हो चुका है.

2) वहीं सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से दाखिल किए गए इस मुकदमे में आरोप लगाया था कि यंग इंडिया लिमिटेड कंपनी के जरिए नेशनल हेराल्ड का गलत तरीके से अधिग्रहण किया गया है और कांग्रेस नेताओं ने करोड़ों रुपये की संपत्ति हथिया ली है. इसके ठीक दो साल बाद जून 2014 में अदालत ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया.

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3) इसी साल अगस्त में प्रवर्तन निदेशालय नेशनल हेराल्ड केस का संज्ञान लेते हुए सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया. हांलाकि, वर्ष 2015 में अलग-अलग 50 हजार रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही जमानत राशि अदा करने के दिल्ली स्थित पटियाला कोर्ट से राहुल गांधी और सोनिया गांधी को जमानत मिल गई.

4) वहीं सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2016 में इस मामले सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित सभी आरोपियों को व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी, लेकिन कार्रवाई रद्द करने से इनकार कर दिया.

क्या है नेशनल हेराल्ड?
बता दें कि नेशनल हेराल्ड एक राष्ट्रीय समाचार पत्र है. इसे वर्ष 1938 में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू द्वारा शुरू किया था. इस न्यूज पेपर को चलाने का जिम्मा ‘एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ (AJL) कंपनी को सौंपा गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआत से इस कंपनी में कांग्रेस और गांधी परिवार के लोग हावी रहे. करीब 70 साल बाद 2008 में इस कंपनी को भारी घाटा हुआ जिसके चलते इस न्यूज पेपर को बंद करना पड़ा.

पार्टी फंड से बिना बयाज 90 करोड़ का लोन
लेकिन इस दौरान कांग्रेस ने एजेएल को पार्टी फंड से बिना ब्याज के 90 करोड़ रुपए का लोन दिया था. इसके बाद सोनिया और राहुल गांधी ने ‘यंग इंडियन’ नाम से नई कंपनी बनाई. यंग इंडियन को एसोसिएटेड जर्नल्स को दिए लोन के बदले में कंपनी की 99 फीसदी हिस्सेदारी मिली थी. यंग इंडियन कंपनी में सोनिया और राहुल गांधी की 38-38 फीसदी की हिस्सेदारी है. वहीं बाकी का शेयर मोतीलाल बोरा और आस्कर फर्नांडिस के पास था.

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मोदी सरकार की मंशा पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा आखिर मोदी सरकार या भाजपा के निशाने पर राहुल गांधी जी और कांग्रेस क्यों है? ईडी की कार्रवाई क्या जनता के मुद्दे उठाने वाली मुखर आवाज को दबाने का षड्यंत्र है? केवल राहुल गांधी पर इतने हमलावर क्यों हैं? इन सवालों का जवाब देश को जानना जरूरी है. रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राहुल गांधी की बुलंद आवाज से केंद्र सरकार डर गई है. बीजेपी के निशाने पर हमेशा राहुल गांधी ही क्यों रहते हैं, राहुल गांधी ने किसान की आवाज उठाई, जनता की आवाज उठाई. सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा में जाते ही भ्रष्ट नेता गंगा की तरह पवित्र हो जाते हैं.

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