National Herald Case: राहुल गांधी से क्या जानना चाहती है ED? क्या है मोदी सरकार की मंशा?

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National Herald Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को बीती आठ जून और कांग्रेस दिग्गज नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को 13 जून को पेश होने के लिए समन जारी किया था. नेशनल हेराल्ड केस (National Herald Case) में प्रवर्तन निदेशालय (ED on Rahul Gandhi-Sonia Gandhi) सोनिया गांधी और राहुल गांधी से क्या जानना चाहते हैं और इसके पीछे मोदी सरकार की क्या मंशा है. इस का जवाब खुद ईडी के अधिकारियों ने दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीनियर अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ईडी मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत सोनिया गांधी और राहुल गांधी (Rahul Gandhi on ED) के बयान दर्ज करना चाहती है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से पूछताछ कर वित्तीय लेनदेन, यंग इंडियन के प्रवर्तकों और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की भूमिका के बारे में पता लगाना चाहती है. बता दें कि इससे पहले ईडी (ED) ने जांच के तहत कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) और पवन बंसल (Pawan Bansal) से भी पूछताछ की थी.

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यह मामला कांग्रेस समर्थित ‘यंग इंडियन’ में कथित वित्तीय अनियमितता की जांच के सिलसिले में ईडी ने बीते दिनों दर्ज किया था. वहीं एक निचली अदालत की ओर से यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आयकर विभाग की जांच का संज्ञान लेने के बाद एजेंसी ने पीएमएलए (PMLA) के आपराधिक प्रावधानों के तहत एक नया मामला दर्ज किया था.

क्या है नेशनल हेराल्ड?
बता दें कि नेशनल हेराल्ड एक राष्ट्रीय समाचार पत्र है. इसे वर्ष 1938 में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू द्वारा शुरू किया था. इस न्यूज पेपर को चलाने का जिम्मा ‘एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ (AJL) कंपनी को सौंपा गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआत से इस कंपनी में कांग्रेस और गांधी परिवार के लोग हावी रहे. करीब 70 साल बाद 2008 में इस कंपनी को भारी घाटा हुआ जिसके चलते इस न्यूज पेपर को बंद करना पड़ा.

पार्टी फंड से बिना बयाज 90 करोड़ का लोन
लेकिन इस दौरान कांग्रेस ने एजेएल को पार्टी फंड से बिना ब्याज के 90 करोड़ रुपए का लोन दिया था. इसके बाद सोनिया और राहुल गांधी ने ‘यंग इंडियन’ नाम से नई कंपनी बनाई. यंग इंडियन को एसोसिएटेड जर्नल्स को दिए लोन के बदले में कंपनी की 99 फीसदी हिस्सेदारी मिली थी. यंग इंडियन कंपनी में सोनिया और राहुल गांधी की 38-38 फीसदी की हिस्सेदारी है. वहीं बाकी का शेयर मोतीलाल बोरा और आस्कर फर्नांडिस के पास था.

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मोदी सरकार की मंशा पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा आखिर मोदी सरकार या भाजपा के निशाने पर राहुल गांधी जी और कांग्रेस क्यों है? ईडी की कार्रवाई क्या जनता के मुद्दे उठाने वाली मुखर आवाज को दबाने का षड्यंत्र है? केवल राहुल गांधी पर इतने हमलावर क्यों हैं? इन सवालों का जवाब देश को जानना जरूरी है. रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राहुल गांधी की बुलंद आवाज से केंद्र सरकार डर गई है. बीजेपी के निशाने पर हमेशा राहुल गांधी ही क्यों रहते हैं, राहुल गांधी ने किसान की आवाज उठाई, जनता की आवाज उठाई. सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा में जाते ही भ्रष्ट नेता गंगा की तरह पवित्र हो जाते हैं.

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