Nupur Sharma Case: अरब देशों की नाराज़गी से भारत को क्या नुक़सान होगा?

Spread the love

Nupur Sharma Case : भारत में एक प्राइवेट न्यूज़ चैनल में डिबेट के दौरान भारतीय जनता पार्टी के एक नेता द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर दिए आपत्तीजनक बयान के बाद जिस तरह से अरब देशों ने नाराज़गी ज़ाहिर की है। उसने तमाम तरह के सावालों के जन्म दे दिया है। भारी विरोध के बाद पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपूर शर्मा (Nupur Sharma Case ) और दिल्ली के प्रवक्ता नवीन जिंदल पर कार्रवाई करते हुए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। लेकिन विश्वभर में यह मामला चर्चा का केंद्र बिंदू बन गया।

भारत के अरब मुल्कों से रिश्ते हमेशा से ही अच्छे रहे हैं। खाड़ी के देशों ने पाकिस्तान के आगे भारत तो तरहीज़ दी है। भारत के पक्ष की बात की है। इन देशों से भारत का आर्थिक जुड़ाव भी बहुत गहरा रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार खाड़ी के देशों में 1 करोड़ के आस-पास भारतीय रहते हैं। वहीं अरब में हिंदू कामगारों की भी एक बड़ी आबादी अपनी जीविका चलाते हैं। केवल संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में ही केवल 35 लाख भारतीय काम करते हैं। जो  UAE की कुल आबादी का 30 प्रतिशत हिस्सा है।

अरब देशों की नाराज़गी से बाहर की सेहत पर क्या असर पड़ेगा ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2019 जब सऊदी अरब की यात्रा पर गए थे। तब उन्होंने वहा जो बाते कहीं थी। उन्हें फिर से एक बार लोगों को सुन्ना चाहिए। 29 अक्टूबर 2019 के पीएम मोदी ने सऊदी में एक साक्षात्कार के दिया था।

इंटरव्यू में बातचीत के दौरान आगे पीएम मोदी ने कहा था- 80 लाख से अधिक भारतीय इन देशों में अपनी जीविका का रास्ता बनाए हुए हैं। इन देशों से ये सभी लोग भारत में अरबों डॉलर कमाकर अपने देश भेज रहे हैं। भारत के साथ-साथ अरब देशों को भी आर्थिक रूप से मज़बूती मिल रही है।

इन खाड़ी के मुल्कों में भारतीयों कामगारों का 45 फ़ीसदी से ज़्यादा योगदान रहता है। वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल अरब देशों में रहने वाले भारती लगभग 90 अरब डॉलर भारत भेजते हैं।

भारत उर्जा सुरक्षा और तेल के मामले में अरब पर कितना निर्भर?

भारत अपनी ज़रूरत का 80 फ़ीसदी तेल आयात करता है। यूएई भारत की तीसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है और सऊदी अरब चौथा। पीएम मोदी ने आगे बताया था कि हम (भारत) सऊदी से 18 फ़ीसदी कच्चा तेल और 30 फ़ीसदी एलपीजी आयात  रहा है। इसके साथ ही एनर्जी सुरक्षा के क्षेत्र में हम अरब देशों पर निर्भर हैं।

वहीं बात अगर वहां रहने वाले भारतीयों की करें। तो इसमें कोई शक नहीं कि इस तरह की घटनाओं से वहां रहने वाले भारतीयों को दिक्कत नहीं होती। जब से सोशल मीडिया का ज़माना आया है। तब से इन चीज़ों का असर साफ दिखाई दे रहा है। ख़ासकर हिंदू समुदाए के लोगों को इसका खामयाज़ा उठाना पड़ सकता है। अपनी नौकरी सहित जीविका से हाथ धोना पड़ सकता है।

Also read

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।

Leave a Comment