अमरावती : कन्हैयालाल की तरह उमेश की भी हत्या ? NIA करेगी जांच;जाने पूरा मामला

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अमरावती : बीते 28 जून को देश एक दिल दहला देने वाली शर्मनाक घटना से रुबरू हुआ। यह घटना राजस्थान के उदयपुर की थी जहां कन्हैयालाल नाम के शख्स की तलवार से गर्दन रेतकर हत्या कर दी गई। हत्यारे इस बात पर नाराज़ थे कि कन्हैयालाल ने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी। इस रुह कंपाने वाली हत्या के बाद पूरे देश में हर तरफ से हत्यारों को सख्त सज़ा दिए जाने की मांग उठने लगी। लोगों में गुस्सा अपने चरम पर पहुंच गया। ना केवल देश में बल्कि विदेशों से भी इस पर कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

अब ख़बर आ रही है कि इस घटना से पहले एक और इसी प्रकार की घटना नूपुर शर्मा के विवादित बयान के कारण हुई है । मामला महाराष्ट्र के अमरावती का है। आरोप है कि 54 वर्षीय उमेश प्रह्लादराव कोल्हे की जान इस कारण चली गई क्योंकि उन्होंने नूपुर शर्मा के पक्ष में एक पोस्ट सोशल मीडिया पर अपडेट की थी। उमेश पेशे से केमिस्ट थे और 21 जून को जब वह रात मे अपनी दुकान बंद करके घर जा रहे थे तभी हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया।

पुलिस का इस घटना पर क्या कहना है

इस हत्याकांड में पुलिस ने अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन मुख्य आरोपी इरफान खान अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगी हुई हैं। पुलिस के बयान के अनुसार उमेश ने कथित रुप से कुछ व्हॉट्सऐप ग्रुप में नुपूर शर्मा के समर्थन में एक पोस्ट शेयर की थी। जिसमें एक ग्रुप में इरफान समेत कुछ मुस्लिम लोग जुड़े हुए थे। उमेश की पोस्ट से ख़फा इरफान खान ने हत्या का षड्यंत्र रच डाला और इसके लिए पांच लोगों को किराए पर हायर किया।

जानकारी के मुताबिक, 21 जून की रात हमलावर उमेश की दुकान पर पहुंचे जव वह घर लौट रहे थे। उमेश कोल्हे पेशे से केमिस्ट थे। वो महाराषट्र के अमरावती के रह रास्ते में हमलावरों ने चाकू से रेतकर उमेश का गला काट दिया। इसके बाद हमलावर फरार हो गए। हत्या के बाद पुलिस ने उमेश के बेटे संकेत के बयान के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरु की। जिसमें पुलिस के हाथ मुदस्सिर अहमद, शाहरुख पठान, अब्दुल तौफीक, शोएब खान और अतीब राशिद लगे। इन हमलावरों के पास से हत्या में इस्तेमाल हुए हथियार भी मिले।

गृह मंत्रालय ने NIA को दिए जांच के आदेश

अब इस मामले की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) करेगी। गृह मंत्रालय ने आज ही इसके आदेश जारी कर दिए हैं। अपने बयान में गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि हत्या के पीछे साजिश, संगठनों की संलिप्तता और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की गहन जांच की जाएगी।

बता दें कि नूपुर शर्मा ने बीते मई माह में एक टीवी चैनल पर हो रही डिबेट के दौरान पैंगबर मुहम्मद साहब के खिलाफ आपात्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आई और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी उनके बयान की कड़ी निंदा हुई। कई अरब देशों ने उनके बयान का विरोध किया और कतर ने तो भारत से माफी मांगने की भी मांग की। बवाल बढ़ता देख बीजेपी ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। लेकिन इसके बावजूद बवाल बढ़ता गया और देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक हिंसा भी हो गई। उदयपुर और अमरावती की यह नृशंस हत्याओं को भी उसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।

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