Rajya Sabha Elections: ओवैसी का शिवसेना को समर्थन, जानिए सोशल मीडिया पर क्यों मचा हंगामा?

Spread the love

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन और महाराष्ट्र में शिवसेना (Shiv Sena) की राजनीति में ज़मीन-आसमान का फर्क है। हिंदुत्व के मुद्दों पर मुखर रहने वाली शिवसेना अब बदलती नज़र आ रही है। उसको राज्यसभा में अपना उम्मीदवार जीताने के लिए ओवैसी की पार्टी का सहारा लेना पड़ रहा है।

महाराष्ट्र में AIMIM ने शिवसेना (Shiv Sena) नीत गठबंधन सरकार के प्रत्याशी इमरान प्रतापगढ़ी को समर्थन देने का एलान कर दिया है। ओवैसी की पार्टी ने कहा कि उनको भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस प्रत्याशी इमरान प्रतापगढ़ी का समर्थन करने से कोई परेशानी नहीं है। वो इमरान प्रतापगढ़ी को समर्थन देगी। इम्तियाज जलील ने कहा है कि पार्टी ने हमारे दो विधायकों को कांग्रेस प्रत्याशी इमरान प्रतापगढ़ी को वोट देने को कहा है।

भाजपा को हराने के लिए (Shiv Sena) शिवसेना के साथ जाना सही

महाराष्ट्र में राज्यसभा की 6 सीटों पर चुनाव है। चुनावी गणित के हिसाब के भाजपा के खाते में एक सीट जाते दिख रही है। वहीं दूसरी ओर एनसीपी और कांग्रेस ने एक-एक तो शिवसेना ने दो उम्मीदवार खड़े किए हैं। ऐसे में छठी सीट पर पेंच फंस गया है। ऐसा माना जा रहा है कि इस सीट पर निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त करने वाले को हासिल राज्यसभा की सीट मिल पाएगी।

इम्तियाज जलील के मुताबिक AIMIM ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) में अल्पसंख्यक सदस्य नियुक्त करने और महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड की आय बढ़ाने की भी मांग करते हुए मुसलमानों को आरक्षण देने की शर्त रखते हुए समर्थन देने की बात कही है। साथ ही अन्य कई मुद्दों पर भी समर्थन की मांग की बात कई है।

सोशल मीडिया पर शिवसेना-ओवैसी के समर्थन के बाद मचा हंगामा

जैसे ही ये ख़बर सामने आई कि महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव में शिवसेना (Shiv Sena) ओवैसी का समर्थन लेने पर सहमत हो गई। तब से सोशल मीडिया पर लोग शिवसेना पर हमलावर हो गए। हिंदुत्व के मुद्दे पर फेक पार्टी बताने लगे। राजनीति के लिय ग़द्दारों से मिल जाने वाला बता रहे। बाला साहब के उसूलों पर पानी फेरने वाला बताया जा रहा।

सोशल मीडिया पर यूज़र्स शिवसेना (Shiv Sena) को ओवैसी का समर्थन न लेने की सलाह देते दिख रहे हैं। ज़ाहिर है कि शिवसेना हमेशा से हिंदुत्व के मुद्दों पर मुखर रहती आई है। ऐसे में ओवैसी का समर्थन लेने से पार्टी को आलोचनाओं का जमकर सामना करना पड़ रहा है। वहीं ओवैसी की पार्टी AIMIM का साफ कहना है कि वो भाजपा के उम्मीदवार को हराने के लिए किसी को भी वोट देने को तैयार हैं।

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।

Leave a Comment