शाहजहांपुर : मौत की सज़ा सुनाई गई, जेल से पढ़ाई शुरू की और 10th की परीक्षा में 64 प्रतिशत अंक ले आया कैदी

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शाहजहांपुर : कहते हैं शिक्षा प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती। आप कहीं पर भी शिक्षा को प्राप्त कर सकते हैं। एक ऐसी ही घटना ने सबको हैरान कर दिया। जेल में मौत की सज़ा काट रहे एक क़ैदी की कहानी ने सबको हैरान कर दिया। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में फांसी की सज़ा मिले एक कैदी ने उत्तर प्रदेश माध्‍यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास कर सबको चौंका दिया।

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के जेल अधीक्षक बीडी पांडेय ने मीडिया को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जेल में एक कैदी मनोज पांच साल के बच्चे की हत्या में फांसी की सज़ा में बंद है। उसने हाईस्कूल की पढ़ाई जेल से ही शुरू की और परीक्षा दी। जब परिणाम आया तो उसने प्रथम श्रेणी से पास कर ली। सब इस बात से हैरान है कि उसने पहला स्थान प्राप्त कर लिया। दूसरे क़ैदी भी हैरान हैं।

जेल प्रशासन ने पढ़ाई के लिय किया प्रेरित

जानकारी के मुताबिक, फांसी की सज़ा में जेल में बंद कैदी मनोज यादव कलान क्षेत्र का रहने वाला है। उसने 28 जनवरी 2015 को पांच वर्षीय बच्चे अनमोल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में 24 नवंबर 2021 को उसे अलदालत ने फांसी की सज़ा सुनाई थी।

जेल अधीक्षक ने बताया कि बंदी मनोज यादव बताया कि मनोज ने कक्षा 10 का फॉर्म जेल से ही भरा था, लेकिन फांसी की सजा सुनाये जाने के बाद वो टूट गया और उसने पढ़ना छोड़ दिया। लेकिन उसे काफी प्रेरित कर पढ़ाई में मन लगाने के लिय कहा और फिर उसने पढ़ाई की । परीक्षा के बाद जब परिणाम आया तो 64 प्रतिशत अंक लाकर प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास कर ली।

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपु जेल में बंद इस कैदी की कहानी के बाहर आने के बाद सभी हैरान है। जेल प्रशासन ने बताया कि उन्होने मनोज की हर संभव मदद की। समय-समय पर सब किताबें उन्हें दी गईं। उनकी पढ़ाई का पूरा ध्यान रखा गया। जब रिजल्ट आता तो सब चौंक गए।

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