कौन है पीएम मोदी के साथ पला-बढ़ा अब्बास जिसकी चर्चा चारो तरफ़ ?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मां हीराबेन के 100वें जन्मदिन पर उनसे मिलने अपने भाई पकंज मोदी के आवास पर पहुंचे। यहां पीएम मोदी ने अपनी के साथ दो घंटे से अधिक का समय बिताया। घर पर मां के साथ पूजा की। मां के पैर पानी से धोए और उनको तौलिया से पोछा। मां हीराबेन से मुलाकात के बाद पीएम मोदी मां का आशीर्वाद लेकर निकल गए।

पीएम मोदी ने मां के 100वें जन्मपर के मौके पर उनके नाम एक खत लिखा। उस खत में पीएम मोदी ने अपनी मां के जन्म से लेकर अब तक के सारे बड़ी घटनाओं का उल्लेख किया। उस खत की एक स्टोरी वायरल हो रही है। जिसनें पीएम मोदी ने अपने बचपन के दोस्त अब्बास का ज़िक्र किया है।

पीएम मोदी ने उस खत में लिखा कि उनके पिता के करीबी दोस्त का देहांत हो गया तो वह उनके बेटे अब्‍बास को घर ले आए। वह मोदी के घर पर ही पला-बढ़ा। मोदी की मां हीराबेन ने उसे अपने बच्चों जैसा प्यार दिया। मां हीराबेन बेटे अब्बास के लिए ईद पर उसकी पसंद के खास पकवान बनाती थीं। पीएम लिखते हैं कि मां हमेशा दूसरों को खुश देखकर खुश रहा करती हैं।’

अब्बास को पीएम मोदी के मां हीराबेन ने अपनी संतान की तरह पाला

खत में आगे लिखा पीएम मोदी की मां हीराबेन अब्बास को अपने बच्चों की तरह ही प्यार करती थीं। अब्बास उनके घर में ही रहकर पढ़ा-लिखा और पला-बड़ा। जिस तरह हीराबेन नरेंद्र मोदी और उनके भाई-बहनों का ख्याल रखती थीं उसी तरह वह अब्बास की भी बहुत देखभाल करती थीं। ईद पर अब्बास की पसंद के पकवान बनते थे। सभी बच्चे एक साथ घर पर खाना खाते थे। साथ खेला-कूदा करते थे।

हीराबेन से जुड़ी यादों का ज़िक्र करते हुए पीएम मोदी ने अब्बास नाम के एक शख़्स का ज़िक्र अब ट्विटर पर टॉप ट्रेंड है। लोग तरह-तरह के सवाल पूछ रहे। अब्बास कौन है ? अब कहां है। क्या अब्बास के बच्चे हैं। ऐसे सवालों की सोशल मीडिया पर बाढ़ आ गई है।

पीएम मोदी ने खत में अपनी मां हीराबेन के बारे बताया है। उन्होंने लिखा कि उनकी मां का जन्म मेहसाणा ज़िले के विसनगर में हुआ था। यह गुजरात के वडनगर के क़रीब है। हीराबेन के जन्म के कुछ दिनों बाद ही उनकी मां यानी पीएम की नानी की मौत हो गई थी। एक शताब्दी पहले आई वैश्विक महामारी में उनकी मौत हो गई थी।

पीएम मोदी ने खत में अपने बचपन के घर का ज़िक्र करते हुए लिखा है- वडनगर के जिस घर में हम लोग रहा करते थे वो बहुत ही छोटा था। उस घर में कोई खिड़की नहीं थी, कोई बाथरूम नहीं था, कोई शौचालय नहीं था। कुल मिलाकर मिट्टी की दीवारों और खपरैल की छत से बना वो एक-डेढ़ कमरे का ढांचा ही हमारा घर था, उसी में मां-पिताजी, हम सब भाई-बहन रहा करते थे।

लेकिन खत का अब्बास वाला किस्सा अब चर्चा का विषय बन गया। लोग इस किस्से को लेकर कई तरह के सावाल पूछ रहे हैं। अब्बास सोशल मीडिया के ट्रेंड बन गए।

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