RSS के दशहरा पर्व में पहली बार बतौर चीफ गेस्ट शामिल हो रही ये महिला कौन है?

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Who is Santosh Yadav, the first woman invited to be chief guest at RSS Dussehra event?: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के दशहरा कार्यक्रम में पहली बार कोई महिला शामिल हो रही है. यह महिला कोई और नहीं बल्कि जानी-मानी पर्वतारोही संतोष यादव है. नागपुर में आयोजित हो रहे आरएसएस के विजयादशमी समारोह में दो बार माउंट एवरेस्ट फतेह करने वाली संतोष यादव बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी. (Who is Santosh Yadav, the first woman invited to be chief guest at RSS Dussehra event?)

नागपुर में विजयादशमी उत्सव में शामिल होंगी संतोष यादव

बता दें कि इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी बतौर चीफ गेस्ट आरएसएस के दशहरा समारोह में शामिल हो चुके हैं. इस मामले में आरएसएस ने ट्वीट कर कहा कि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का वार्षिक विजयादशमी उत्सव 5 अक्टूबर 2022 को नागपुर में सम्पन्न होगा. इस उत्सव में मुख्य अतिथि पर्वतारोही पद्मश्री संतोष यादव होंगी. (Who is Santosh Yadav, the first woman invited to be chief guest at RSS Dussehra event?)

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ संतोष यादव का भी संबोधन

इस कार्यक्रम को सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत संबोधित करेंगे. संतोष यादव माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली महिला पर्वतारोही है. मोहन भागवत के अलावा बतौर चीफ गेस्ट संघ के कार्यक्रम में शामिल हो रही संतोष यादव भी संबोधन होगा.

हरियाणा में जन्म, सबसे कम उम्र में हिमालय फतेह करने का रिकॉर्ड बनाया

हरियाणा के रेवाड़ी में जोनियावास नाम के गांव में 10 अक्टूबर 1967 को जन्मीं संतोष यादव के पिता सूबेदार रामसिंह यादव और माता श्रीमती चमेली देवी हैं. वर्ष 1992 में सबसे कम उम्र में हिमालय के शिखर पर पहुंचने वाली वह दुनिया की पहली महिला बनीं. इतना ही नहीं वे विश्व की पहली ऐसी महिला है जिन्होंने दो बार सफलतापूर्वक माउंट एवरेस्ट फतेह किया. हालांकि सबसे कम उम्र में माउंट एवरेस्ट फतेह करने वाले इस रिकॉर्ड को वर्ष 2013 में 13 वर्षीय मालवथ पूर्णा ने तोड़ दिया था.

भारत-तिब्बत सीम पुलिस बल में तैनात, पद्म श्री से सम्मानित

संतोष यादव को अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 1994 में नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड और वर्ष 2000 में पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है. संतोष यादव वर्तमान में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल में एक अधिकारी के पद पर तैनात हैं. उन्होंने हिमालय से करीब 500 किलोग्राम कचरा (गारबेज) इक्ट्ठा कर डंप करवाया. वर्ष 2001 में माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करने वाले पर्वतारोहियों के जत्थे को लीड किया.

अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए संघ ने किया आंत्रितत

संतोष यादव को अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए संघ ने उन्हें अपने कार्यक्रम में आमंत्रित किया है. बता दें कि संघ दशहरा उत्सव में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान करने वाले प्रबुद्ध लोगों को आमंत्रित करता है. इससे पहले इस कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी शामिल हुए थे.

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